Shakuntala Devi-human computer, बायोपिक फिल्म in Hindi

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भूमिका(Shakuntala Devi):-

आजकल के चलन में बायोपिक फ़िल्में बहुत चल रही हैं और दर्शकों के द्वारा बहुत पसंद भी की जा रही है, फिर चाहे वह मशहूर खिलाड़ियों व एक्टर से संबंधित हो या फिर मशहूर गणितज्ञ ANAND KUMAR ‘सुपर 30’ की तरह ही ‘Shakuntala Devi भी गणित से ही संबंधित है।

निर्मातासोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया
निर्देशकअनू मेनन
संगीतसचिन जिगर
कलाकारविद्या बालन (शकुंतला देवी)/ सान्या मल्होत्रा (अनुपमा, शकुंतला देवी की बेटी)/ अमित शाह (अनुपमा के पति)/सेन गुप्ता(शकुंतला देवी के पति)
Information

Shakuntala Devi:-

हमें शकुंतला देवी से भी परिचित होना चाहिए, उनकी कैलकुलेशन करने की क्षमता इतनी तेज़ थी कि उन्हें Human Computer के नाम से भी जाना जाने लगा और इतना ही नहीं, उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी शामिल है।

फिल्म की कहानी:-

यह एक मनोरंजन फिल्म है।(Shakuntala Devi)

जन्म:-

शकुंतला देवी (विद्या बालन) का जन्म 4 नवंबर 1929 को बेंगलुरु में हुआ था।

योग्यता:-

किसी हाई एजुकेशन के ना होने पर भी उनमें कैलकुलेशन करने की अद्भुत क्षमता थी।

जुनून:-

शकुंतला देवी को नंबरों का जुनून बचपन से ही था, बड़े से बड़े नंबर का क्यूब भी वह आसानी से निकाल लेती थी।

(शकुंतला देवी)

हुनर की पहचान:-

उनके इस हुनर की पहचान, उनके पिता (प्रकाश बेलावली) ने जान ली। सिर्फ 6 साल की उम्र में ही उन्होंने यूनिवर्सिटी में काफ़ी अच्छी प्रतिभा का प्रदर्शन दिखाया।

लंदन:-

15 साल की उम्र में वें लंदन पढ़ने चली गई।

प्रतिभा प्रदर्शन:-
वहां जाकर उन्होंने अपना नया सफर शुरू किया,और अपनी इस कैलकुलेशन की प्रतिभा का प्रदर्शन पूरी दुनिया में किया। उनकी यह प्रतिभा बहुत ही तारीफे काबिल है। वह बड़ी से बड़ी संख्या का कैलकुलेशन भी कुछ ही सेकंड्स में कर लेती थी।(Shakuntala Devi)

उनकी बेटी:-

फ़िल्म में Shakuntala Devi की बेटी का किरदार सान्या मल्होत्रा ने निभाया है।

असंतुष्ट:-
पूरी फिल्म में उनकी बेटी उनसे असंतुष्ट ही देखने को मिलती है।

(शकुंतला देवी)

समीक्षाएं और विशेषताएं(Shakuntala Devi):-

  • एक महिला और मां का किरदार भी शकुंतला देवी ने अच्छे से निभाया है।
  • Shakuntala Devi एक नीडर महिला नज़र आएंगी।
  • स्वतंत्र सोच की महिला है।
  • फिल्म उनके द्वारा बोला गया एक डायलॉग बहुत अच्छा है- मैं कभी नहीं हारती, always remember that.
  • फिल्म में उनके ओवर कॉन्फिडेंस को दिखाया है।
  • आपको इस फिल्म में उनकी पर्सनल लाइफ काफी उलझी हुई नज़र आएगी।
  • शुरुआत में फिल्म पूरी तरह से मनोरंजक व एंटरटेनिंग है।(Shakuntala Devi)
  • विद्या बालन अपने रोल में बिल्कुल समा गई है, उन्होंने अपनी अच्छी परफॉर्मेंस दी है, और वो एक अच्छी कलाकार भी हैं।
  • शकुंतला देवी के गणितज्ञ वाले भाग पर कम ध्यान दिया गया है, यद्यपि दर्शक उसे ही ज़्यादा जानते थे।
  • Shakuntala Devi के जिंदगी के बारे में इस फिल्म में काफ़ी कुछ बताया है जैसे-उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के खिलाफ चुनाव भी लड़ा। होमोसेक्सुअलिटी पर उन्होंने किताब भी लिखी थी। जो शायद भारत में पहली बार हुआ था।
  • सभी किरदारों ने अपनी अपनी भूमिका अच्छे से निभाई हैं
  • अनु मेनन ने अच्छे तरीके से शकुंलता देवी की लाइफ़ को, हमारे सामने प्रस्तुत किया है। और उस दशक का समय भी काफ़ी अच्छे से दर्शाया है।
  • संगीतकार, सचिन जिगर ने भी अच्छा संगीत सुनाया है।(शकुंतला देवी)
  • कुल मिलाकर आप इसको अच्छी बायोपिक फिल्म कह सकते हैं।(Shakuntala Devi)

समय:- लगभग 2 घंटे 10 मिनट

ज़रूर देखनी चाहिए,(शकुंतला देवी) क्यों:-

क्योंकि यह एक मनोरंजक और बायोपिक फिल्म है, और विद्या बालन की अच्छी एक्टिंग और शकुंतला देवी के बारे में आपको जानकारी प्राप्त करने के लिए आपको यह फिल्म ज़रूर देखनी चाहिए।

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